शमसाबाद में दुआइया तकरीब, हिफ्ज़ व नाज़रा की तकमील पर तलबा सम्मानित
शमसाबाद (फर्रुखाबाद) के मोहल्ला शेरवानी टोला स्थित मदरसा अरबिया इस्लाहुल मुस्लिमीन में 6 फरवरी 2026, बरोज़ जुमा बाद नमाज़-ए-मग़रिब दुआइया तकरीब बमौक़ा तकमील-ए-हिफ्ज़ व नाज़रा का अज़ीमुश्शान आयोजन किया गया। तकरीब में मेहमान-ए-ख़ुसूसी के तौर पर हज़रत मौलाना मुफ्ती ज़फ़र अहमद क़ासमी साहब (नाज़िम, जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश) और हज़रत मौलाना अब्दुल जब्बार क़ासमी साहब (नायब सदर, जमीयत उलेमा वसती ज़ोन उत्तर प्रदेश) ने शिरकत की।

प्रोग्राम का आग़ाज़ क़ारी मोहम्मद असअद इक़बाल क़ासमी साहब की पुरसोज़ तिलावत से हुआ। इसके बाद अमरोहा से तशरीफ़ लाए क़ारी मिर्ज़ा मोहम्मद अनस साहब ने नात-ए-पाक पेश की। मुफ्ती ज़फ़र अहमद क़ासमी साहब ने अपने ख़िताब में मज़बूत ईमान और अल्लाह पर यक़ीन की अहमियत बयान की। क़ारी शहेरोज़ अहमद क़ासमी साहब की नात से माहौल रूहानी हो गया।

मौलाना मोहम्मद लईक़ साहब ने क़ुरआन को ख़ालिक़-ए-कायनात का नाज़िल किया हुआ कलाम बताया। मदरसे के सरपरस्त मुफ्ती मोहम्मद नईम क़ासमी साहब ने सालाना रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि इस साल 4 तलबा ने हिफ्ज़-ए-क़ुरआन और 23 तलबा व तालिबात ने नाज़रा की तकमील की। आख़िर में मौलाना अब्दुल जब्बार क़ासमी साहब ने असरदार नसीहत फरमाई, इनामात तक़सीम हुए और दुआ के साथ तकरीब का इख़्तिताम हुआ।